वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
गोरखपुर। मां अकलेश स्मृति सेवा परिषद, शीतला प्रसाद फूलमती देवी शिक्षण संस्थान एवं मांगिरीश वेलफेयर के संयुक्त तत्वावधान में मां अकलेश देवी की 27वीं पुण्य स्मृति दिवस श्रद्धा और सेवा भाव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर श्रद्धांजलि, पुष्पांजलि, भजन-कीर्तन, भंडारा एवं महाप्रसाद का आयोजन किया गया। साथ ही स्थानीय मंदिरों के आसपास रहने वाले दीन-दुखियों एवं असहाय लोगों को भोजन, लंच पैकेट तथा जीवनोपयोगी सामग्री का वितरण किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः वयोवृद्ध समाजसेवी दुर्गा बाबू, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं परिवारजनों द्वारा मां अकलेश देवी को श्रद्धांजलि अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात अशोक ऐश्वरम विला, रेल विहार, तारामंडल परिसर में आयोजित विशेष कार्यक्रम में समाज के सभी वर्गों के लोगों एवं बच्चों ने मां अकलेश की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर प्रसिद्ध भजन गायक ओम प्रकाश गुप्ता एवं परिवार की महिलाओं द्वारा मधुर स्वरों में भजन प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बाबू दुर्गा प्रसाद ने कहा कि समाजसेविका के रूप में ममतामयी मां अकलेश की भूमिका सदैव स्मरणीय रहेगी।
कृष कुमार श्रीवास्तव एवं इंदु प्रकाश ने कहा कि मां अकलेश ने अपने जीवनकाल में जरूरतमंदों, कमजोर महिलाओं एवं बालिकाओं की निरंतर सहायता की। उनके जीवन से दया, करुणा और प्रेम की सीख लेनी चाहिए।
पूर्व रेल अधिकारी ई. प्रदीप कुमार एवं डॉ. मनोज कुमार (विभागाध्यक्ष, शिक्षा शास्त्र, सेडीका) ने कहा कि मां जैसी पुण्य आत्मा की स्मृति में दीन-दुखियों के प्रति सहानुभूति और सेवा का भाव रखना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। समाज का विकास तभी संभव है जब आर्थिक व सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग को हरसंभव सहायता मिले।
विहिप के जिला मंत्री ई. संजीत श्रीवास्तव एवं स्मिता श्रीवास्तव ने कहा कि मां अकलेश ने महिलाओं और बच्चियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया और समाज सेवा को अपना जीवन समर्पित किया, जिसे समाज हमेशा याद रखेगा।
कार्यक्रम का संचालन सामाजिक कर्मयोगी मंजीत कुमार (बाबू) ने किया तथा अंत में सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर शिखर वर्मा, डॉ. किरण, अर्चना, प्रदीप, डॉ. विभा, मनोज, सुषमा, बिंदु प्रकाश, कुमकुम रमन, अनीता, कृष्ण कुमार, कंचन, निवेदिता, स्मिता, मनीषा, इं. रंजीत कुमार, ई. अनुभव श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में विभिन्न वर्गों के लोग उपस्थित रहे।

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