बस्ती। जिले के नगर पालिका क्षेत्र सहित 217 गांवों के लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर है। बस्ती विकास प्राधिकरण द्वारा लगाए जा रहे विकास शुल्क को लेकर उठी आवाज के बाद प्रशासन हरकत में आया है। मंडलायुक्त अखिलेश सिंह ने विकास शुल्क की व्यापक समीक्षा के निर्देश देते हुए जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही है।
भाजपा जिलाध्यक्ष विवेकानन्द मिश्र के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों ने मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंपकर भवन निर्माण, मरम्मत और जर्जर मकानों के पुनर्निर्माण पर लगाए जा रहे शुल्क को गरीब, मध्यमवर्गीय एवं कृषक परिवारों पर अतिरिक्त बोझ बताया था। ज्ञापन में मांग की गई थी कि विकास के नाम पर आमजन पर आर्थिक दबाव न डाला जाए और शुल्क को यथासंभव न्यूनतम किया जाए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का आश्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में जनता को अनावश्यक परेशानी नहीं होने दी जाएगी और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
इसके साथ ही बिजली विभाग की अनियमित आपूर्ति, जर्जर विद्युत लाइनों और विजिलेंस विभाग से जुड़ी शिकायतों पर भी कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं। प्रशासनिक स्तर पर सुधारात्मक कदम उठाने की प्रक्रिया शुरू होने की बात कही जा रही है।
नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती नेहा वर्मा, ब्लॉक प्रमुख राकेश श्रीवास्तव, अभिषेक कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने इसे जनहित की बड़ी पहल बताते हुए उम्मीद जताई है कि शीघ्र ही ठोस निर्णय लेकर क्षेत्र की जनता को वास्तविक राहत प्रदान की जाएगी।

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