वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
गोरखपुर। आम बजट 2026–27 में भारतीय रेल को पूंजीगत व्यय के लिए कुल 2.78 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस बजट में पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा सेवित उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड को रिकॉर्ड आवंटन मिला है, जिससे क्षेत्र में रेल अवसंरचना को नई गति मिलेगी।
उत्तर प्रदेश को 20,012 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड आवंटन मिला है। प्रदेश में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का कार्य पूरा हो चुका है और लगभग 92,000 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाएं प्रगति पर हैं। राज्य में 157 अमृत भारत स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। स्वीकृत सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में से दो—दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी—उत्तर प्रदेश से गुजरेंगे।
बिहार को 10,379 करोड़ रुपये का आवंटन प्राप्त हुआ है। यहां 1,09,158 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाएं चल रही हैं। वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड कॉरिडोर पटना होकर गुजरेगा। राज्य में 14 जोड़ी वंदे भारत और 21 जोड़ी अमृत भारत एक्सप्रेस का संचालन हो रहा है।
उत्तराखंड को 4,769 करोड़ रुपये का आवंटन मिला है। यहां भी शत-प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा हो चुका है। 39,491 करोड़ रुपये की परियोजनाएं प्रगति पर हैं, जबकि ऋषिकेश-रुद्रप्रयाग नई रेल लाइन का निर्माण तेजी से चल रहा है।
इस अवसर पर महाप्रबंधक, पूर्वोत्तर रेलवे उदय बोरवणकर ने बताया कि इज्जतनगर में एआई आधारित एलीफेंट प्रोटेक्शन सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे वन क्षेत्रों में हाथियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे पर नई लाइन, तीसरी व चौथी लाइन तथा दोहरीकरण की अनेक परियोजनाएं चल रही हैं, जिनसे यात्री सुविधाएं, माल परिवहन और क्षेत्रीय विकास को मजबूती मिलेगी।

No comments:
Post a Comment