गोरखपुर। "राष्ट्र प्रथम" की भावना को प्रदर्शित करते हुये, भारतीय सेना तथा भारतीय वायु सेना की एक उत्कृष्ट नेत्र चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम द्वारा '12 वायु सेना अस्पताल', गोरखपुर में आज से एक विशेष मेगा नेत्र शिविर की शुरुआत की गई।
भारतीय सेना का यह मिशन सेना की दोहरी भूमिका को दर्शाता है, एक ओर देश की सीमाओं की मजबूती से रक्षा करना और दूसरी ओर समाज के प्रति संवेदनशील सेवाओं को प्रदान करना।
चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाओं की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, भारतीय सेना की इस विशेषज्ञ टीम द्वारा पहले भी हिमालयी क्षेत्रों से लेकर जम्मू और कच्छ के सुदूर सीमांत गांवों तक 06 सफल शिविरों का आयोजन किया जा चुका है।
इस 'मेगा नेत्र शिविर' में सर्जिकल टीम का नेतृत्व विश्व-प्रसिद्ध नेत्र विशेषज्ञ ब्रिगेडियर (डॉ.) संजय कुमार मिश्रा द्वारा किया जा रहा है, जो आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल), नई दिल्ली में नेत्र विभाग के प्रमुख और वरिष्ठ सलाहकार हैं। डॉ. संजय मिश्रा का जन्म आजमगढ़ में हुआ है तथा वह मऊ जिले से भी संबंधित है, जहां उन्होंने पहले भी एक हजार से अधिक मरीजों को जीवन बदलने वाली चिकित्सा सेवाएं प्रदान की हैं। 30 वर्षों से अधिक सेवा अनुभव वाले डॉ. मिश्रा अपनी आधुनिक चिकित्सा तकनीकों और राष्ट्र सेवा के लिए जाने जाते हैं। ब्रिगेडियर डॉ. संजय मिश्रा के उत्कृष्ट सर्जिकल क्षमता का प्रमाण यह है कि उन्हें भारत के पूर्व राष्ट्रपति माननीय श्री राम नाथ कोविंद जी तथा भारत के वर्तमान राष्ट्रपति माननीय श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी की सफल नेत्र सर्जरी करने का सम्मान प्राप्त हुआ है।
भारतीय सेना द्वारा की गयी इस पहल की शुरुआत बेहद शानदार रही है और इस मेगा नेत्र शिविर के दौरान 300 से अधिक लोगों के आंखों की सर्जरी करने की योजना बनाई गई है। शिविर के पहले दिन, आज 24 फरवरी 2026 को, टीम ने 100 से अधिक सफल सर्जरी कीं, जिनमें मोतियाबिंद सर्जरी, मिनिमली इनवेसिव ग्लूकोमा सर्जरी (MIGS) और जटिल रेटिना सर्जरी शामिल हैं। लेफ्टिनेंट कर्नल रवि चौहान और मेजर अमृता जोशी सहित एक कुशल सर्जिकल टीम के सहयोग से, आंखों की सर्जरी हेतु आधुनिक चिकित्सा उपकरणों का उपयोग किया गया, जिन्हें भारतीय वायु सेना के सेवा विमान से यहां लाया गया। भारतीय सेना द्वारा आयोजित इस मेगा नेत्र शिविर में में भूतपूर्व सैनिकों, सेवारत कर्मियों के आश्रितों और जरूरतमंद नागरिकों के नेत्रों की व्यापक जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मेगा नेत्र शिविर में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
आज नेत्र शिविर के उद्घाटन समारोह में भारतीय सेना द्वारा किये जा रहे इस मानवीय पहल के राष्ट्रीय महत्व के बारे में बताया गया। इस अवसर पर सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन, महानिदेशक सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाएं (DGAFMS), और एयर मार्शल संदीप थरेजा, महानिदेशक चिकित्सा सेवाएं (वायु), की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस मेघा नेत्र शिविर में भारतीय सेना के इन वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति सरकार की इस प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि दूरदराज क्षेत्रों तक भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाये, जिससे कोई भी नागरिक चिकित्सा सुविधा से वंचित न रहे।
यह मेगा नेत्र शिविर 27 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाले समापन समारोह के साथ पूर्ण होगा।
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