बस्ती। भानपुर तहसील क्षेत्र के भानपुर निवासी विकास सिंह पुत्र स्व. अरूण सिंह ने उप जिलाधिकारी भानपुर को शिकायती पत्र देकर फर्जी तरीके से जमीन अपने नाम दर्ज कराने और सरकारी तालाब की मछलियों को मरवाकर बेचने के मामले में जांच कर दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
उप जिलाधिकारी को दिये गये पत्र में विकास सिंह ने आरोप लगाया है कि भानपुर निवासी विजय प्रताप सिंह पुत्र राजेन्द्र प्रताप सिंह सहित अन्य लोगों ने ग्राम भानपुर की गाटा संख्या 509, 510क, 510ख, 511, 512 व 513 को फर्जी तरीके से अपने नाम दर्ज करा लिया है। इस संबंध में जब उच्चाधिकारियों से शिकायत की गई तो चकबंदी विभाग के एसओसी चकबंदी द्वारा विस्तृत जांच के बाद उक्त इन्द्राज को फर्जी मानते हुए खतौनी से निरस्त करने का आदेश दिया गया।
मामले में वाद संख्या टी202517140203680 धारा 38 उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता के तहत दर्ज कर विपक्षीगण को नोटिस भी जारी किया जा चुका है, लेकिन अभी तक अंतिम आदेश पारित नहीं हो सका है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि विजय प्रताप सिंह अपने प्रभाव का दुरुपयोग कर विवादित भूमि को बेचने की फिराक में हैं और कई लोगों से एडवांस राशि भी ले चुके हैं। इतना ही नहीं, भानपुर काली माता मंदिर के सामने स्थित सरकारी पोखरे की लाखों रुपये की मछलियों को मरवाकर बेचा जा रहा है। मछली पकड़ने आये लोगों ने रोकने पर बताया कि विजय प्रताप सिंह द्वारा मछली बेच दी गई है और मार लेने को कहा गया है।
विकास सिंह ने आरोप लगाया कि इस अवैध गतिविधि से सरकार को भारी राजस्व क्षति हो रही है। उन्होंने भूमि प्रकरण की निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई तथा पोखरे में मछली मारने पर तत्काल रोक लगाए जाने की मांग की है।

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