बस्ती। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में प्राचार्य संजय कुमार शुक्ल के निर्देशन में चल रहे दो दिवसीय कला, क्राफ्ट और संस्कृति महोत्सव का बुधवार को भव्य समापन हुआ। समापन के दिन जिले के सात विकासखंड—परशुरामपुर, रामनगर, रुधौली, सल्टौआ, साउँघाट, विक्रमजोत और नगर क्षेत्र—के शिक्षकों ने महोत्सव में अपनी प्रदर्शनी प्रस्तुत की।
इस अवसर पर शिक्षकों ने पेंटिंग, मूर्तिकला, क्राफ्ट, वाल पेंटिंग, गीत, नुक्कड़ नाटक, पारंपरिक नृत्य कला, पपेट शो, अभिनय रंगमंच, काव्य पाठ और कलात्मक शिक्षण विधि जैसी गतिविधियों में भाग लिया। इसका उद्देश्य परिषदीय विद्यालयों में नामांकन, ठहराव और शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना बताया गया।
डायट प्राचार्य संजय कुमार शुक्ल ने प्रतिभागी शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि कलात्मक गतिविधियां बच्चों को नए विचारों की खोज करने और स्वयं को अनूठे तरीके से अभिव्यक्त करने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने कहा कि कला मानव जीवन का अभिन्न अंग है और यह व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
नोडल प्रवक्ता डॉ. गोविंद प्रसाद और सह नोडल प्रवक्ता वर्षा पटेल ने कहा कि कला और क्राफ्ट हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने का माध्यम हैं और समाज की पहचान को सुदृढ़ करते हैं। साथ ही, उन्होंने कहा कि ये गतिविधियां बच्चों को अपनी कल्पनाओं को स्वतंत्र रूप से अभिव्यक्त करने का अवसर देती हैं।
इस अवसर पर वंदना चौधरी, डॉ. रविनाथ, डॉ. ऋचा शुक्ला, मो. इमरान खान, सरिता चौधरी, कल्याण पांडेय, शशि दर्शन त्रिपाठी, कुलदीप चौधरी, अमन सेन सहित डायट प्रशिक्षु सूरज, अरुण, सौरभ, सिद्धांत, शिवम, विजय, चंदन, अंकिता, पलक, रुचि, स्नेहा, शिवांगी, नैंसी, वैष्णवी आदि उपस्थित रहे।

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