गोरखपुर। विद्या भारती गोरक्ष प्रांत के तत्वावधान में सरस्वती शिशु मंदिर पक्कीबाग, गोरखपुर के परिसर में ‘बालिका शिक्षा एवं परामर्श गोष्ठी’ का सफल एवं प्रेरणादायी आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोरवय बालिकाओं को शारीरिक परिवर्तनों के प्रति जागरूक करना, भ्रांतियों को दूर करना तथा उनमें आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का विकास करना रहा।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रख्यात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. बबीता अग्रवाल ने सरल और सहज भाषा में किशोरियों से संवाद करते हुए किशोरावस्था के दौरान होने वाले स्वाभाविक शारीरिक परिवर्तनों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण चरण होता है, जिसमें सही जानकारी, स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति सजगता आवश्यक है। उन्होंने बालिकाओं को संकोच त्यागकर अपनी समस्याओं पर खुलकर चर्चा करने और समय पर उचित परामर्श लेने की सलाह दी।
विशिष्ट अतिथि दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की प्रोफेसर सुषमा पाण्डेय ने शिक्षा के साथ-साथ बालिकाओं के मानसिक, सामाजिक और नैतिक सशक्तिकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जागरूक, शिक्षित और आत्मविश्वासी बालिका ही परिवार, समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। विद्यालय की उपप्रधानाचार्या श्रीमती रुक्मिणी उपाध्याय ने अतिथियों का परिचय देते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय बालिकाओं के सर्वांगीण विकास हेतु निरंतर इस प्रकार के उपयोगी और जागरूकता पूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राजेश सिंह, आचार्य एवं आचार्या बहनें तथा बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। गोष्ठी के दौरान बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और विशेषज्ञों से प्रश्न पूछकर लाभ प्राप्त किया।


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