बस्ती। काम के अधिकार की रक्षा के लिए कांग्रेस द्वारा चलाया जा रहा ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ का राष्ट्रव्यापी अभियान रविवार को भी जारी रहा। इस क्रम में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय पर उपवास रखकर मनरेगा बचाने का संदेश दिया।
उपवास कार्यक्रम के बाद शहर अध्यक्ष शौकत अली नन्हू, जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष डॉ. वाहिद अली सिद्दीकी, संदीप श्रीवास्तव, सुरेन्द्र मिश्रा और अलीम अख्तर ने संयुक्त रूप से कहा कि भाजपा सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर नया वीबीजीआरएएमजी कानून लागू कर दिया है, जिससे काम के अधिकार की वैधानिक गारंटी समाप्त हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा ग्रामीण आजीविका की रीढ़ था, लेकिन नए कानून के जरिए उसकी मूल भावना पर हमला किया गया है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इस बदलाव से मनरेगा मजदूरों के अस्तित्व के साथ-साथ उनके कार्य करने के अधिकार पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। कांग्रेस इस जनविरोधी निर्णय पर चुप नहीं रहेगी और 25 फरवरी तक चरणबद्ध ढंग से आंदोलन कर इस मुद्दे को आम जनता तक पहुंचाया जाएगा।
उपवास कार्यक्रम में प्रमुख रूप से राम धीरज चौधरी, राकेश मणि त्रिपाठी, अतिउल्लाह सिद्दीकी, राकेश पाण्डेय, आशुतोष पाण्डेय (एडवोकेट), अमर बहादुर शुक्ला, विनय तिवारी, शिवनारायण पाण्डेय (एडवोकेट), दिलीप श्रीवास्तव, जयप्रकाश अग्रहरि, जगदीश शर्मा, शुभम गांधी सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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