नई दिल्ली। दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी कहे जाने वाले भारतीय जनता पार्टी ने अपना नया अध्यक्ष चुन लिया है। नितिन नबीन को निर्विरोध पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। 19 जनवरी को उन्होंने नामांकन भरा जिसके बाद उन्हें निर्विरोध चुन लिया गया। हालांकि उनके अध्यक्ष बनने का औपचारिक ऐलान मंगलवार को हुआ। वहीं 20 जनवरी को ही वह बीजेपी के 12वें अध्यक्ष के रूप में पदभार भी संभाल रहे हैं। इस दौरान बीजेपी मुख्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा समेत कई बड़े नेता और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
- नितिन नबीन को सौंपा गया निर्वाचन पत्र
निर्विरोध चुने जाने के बाद नितिन नबीन को बतौर भारतीय जनता पार्टी के 12वें अध्यक्ष के रूप में चुन लिया गया। उन्हें मंच पर मंगलवार को निर्वाचन पत्र भी सौंपा गया। इस दौरान पीएम मोदी ने माला पहनाकर उनका स्वागत किया।
- नितिन ने की धार्मिक स्थलों पर पूजा अर्चना
बीजेपी की राष्ट्री कमान संभालने से पहले नितिन नबीन ने मंगलवार को विभिन्न धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना की। उन्होंने सुबह 8 बजे झंडेवालान मंदिर में माता के दर्शन किए। इसके बाद हनुमान मंदिर और बंगला साबिह गुरुद्वारे भी पहुंचे और मत्था टेका।
- नितिन नबीन को पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं
नितिन नबीन को दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल का अध्यक्ष चुने जाने पर शुभकामनाएं देता हूं। बीते कई महीनों से संगठन पर्व यानी पार्टी की छोटी ईकाई से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया लोकतंत्र तरीके से बीजेपी के संविधान को ध्यान में रखकर चल रही थी। अब उसका विधि पूर्व समापन हुआ। भारतीय जनता पार्टी की लोकतांत्रिक आस्था, संगठनात्मक अनुशासन और कार्यकर्ता केंद्रित सोच का प्रतीक है।
- हमारा नेतृत्व परंपरा से चलता है : पीएम मोदी
1 से डेढ़ साल में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 125वीं जयंती, अटल जी की 100वीं जयंती, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्षों को हमने मनाया। ये वो प्रेरणाएं जो देश के लोगों को जीने के लिए प्रेरित करती हैं। हमारे संकल्प को मजबूत करती है। हमारा नेतृत्व परंपरा से चलता है। अनुभव से समृद्ध होता है औऱ जनसेवा राष्ट्रसेवा के भाव से संगठन को आगे बढ़ाता है।
- बीजेपी एक संस्कार है परिवार है
बीजेपी एक संस्कार है, परिवार है. हमारे यहां मेंबरशिप से ज्यादा रिलेशनशिप होती है बीजेपी पद से नहीं प्रक्रिया से चलती है। हमारे यहां पदभार एक प्रवक्ता है और कार्यभार एक जीवनभर की जिम्मेदारी है। हमारे यहां अध्यक्ष बदलते हैं लेकिन आदर्श नहीं बदलते हैं। नेतृत्व बदलता है लेकिन दिशा नहीं बदलती।
अटलजी, अडवाणी और मुरली मनोहर जोशी के नेतृत्व में बीजेपी ने 0 से शिखर तक का सफर देखा है। केंद्र में लगातार तीसरी बार भाजपा एनडीए की सरकार बनी। मैं पूर्व के सभी अध्यक्षों का उनके अमूल्य योगदान के लिए देश के कोटी-कोटी कार्यकर्ताओं की ओर से बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं।
- ‘‘मैं पार्टी का कार्यकर्ता और नितिन नबीन मेरे बॉस’’
आज भाजपा का जितना फोकस संगठन के विस्तार पर है उतनी ही बड़ी प्राथमिकता कार्यकर्ता के निर्माण की भी है। मैं बीजेपी का कार्यकर्ता हूं ये सबसे बड़ी बात है और जब बात पार्टी की होती है तो माननीय नितिन नबीन जी मेरे बॉस हैं। क्योंकि मैं एक कार्यकर्ता हूं। माननीय नितिन नबीन हम सभी के अध्यक्ष हैं। उनको भी सभी के साथ तालमेल बनाकर चलना है। नितिन नबीन के करीब जो भी आया वो उनकी सरलता की तारीफ जरूर करता है।
- नबीन को जो जिम्मेदारी मिली, उन्होंने खुद को साबित किया
नितिन नबीन ने हमेशा जब-जब जहां-जहां जो जिम्मेदारी मिली उन्होंने अपने आप को साबित किया। जिम्मेदारी देने वालों को भी उनके कार्य ने गर्व से भर दिया है। 21वीं सदी के पहले 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं। आने वाले 25 वर्ष बहुत महत्वपूर्ण हैं। ये वो कालखंड है जब विकसित भारत का निर्माण होना है और ये तय है।
- नितिन खुद भी एक मिलेनियल
इस महत्वपूर्ण कालखंड में नितिन बीजेपी की विरासत को आगे बढ़ाएंगे। आजकल की युवाओं की भाषा में कहूं तो नितिन खुद भी एक मिलेनियल हैं। वो उस जनरेशन से हैं जिसने भारत में बड़े आर्थिक और सामाजिक के साथ टेक्नोलॉजिकल परिवर्तन होते देखे हैं। जिन्होंने बचपन में रेडियो से सूचना पाई और आज एआई के भी एक्टिव यूजर हैं। उनके पास युवा ऊर्जा भी है औऱ संगठन में कार्य का लंबा अनुभव भी है। ये हमारे दल के हर कार्यकर्ता के लिए बहुत उपयोगी होगा। इस वर्ष जनसंघ की स्थापना को 75 वर्ष हो रहे हैं।
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