वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
गोरखपुर। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के तत्वावधान में ‘अखिल भारतीय विज्ञान मेला 2026’ की पूर्व तैयारी के अंतर्गत दो दिवसीय पाठ्यक्रम निर्माण कार्यशाला का भव्य शुभारंभ आज सरस्वती शिशु मंदिर (10+2), पक्कीबाग परिसर में हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य विज्ञान मेले के लिए गुणवत्तापूर्ण, समसामयिक और नवाचार आधारित पाठ्यक्रम का निर्माण करना है।
कार्यशाला के प्रथम दिन मुख्य वक्ता के रूप में विद्या भारती के अखिल भारतीय विज्ञान संयोजक श्री नगेंद्र पाण्डेय उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि विज्ञान मेला केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक सोच और नवाचार को विकसित करने का प्रभावी मंच है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि वर्ष 2026 के विज्ञान मेले का पाठ्यक्रम वैश्विक तकनीकी परिवर्तनों तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 के अनुरूप तैयार किया जाना चाहिए।
शिशु शिक्षा समिति, गोरक्ष प्रांत के प्रांतीय मंत्री डॉ. शैलेश सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं शिक्षकों की क्षमता वृद्धि के साथ-साथ भविष्य के वैज्ञानिकों को तैयार करने की मजबूत आधारशिला रखती हैं। उन्होंने गोरक्ष प्रांत में विज्ञान शिक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयास की प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यशाला में आगामी अखिल भारतीय विज्ञान मेले के लिए मानक पाठ्यक्रम, नियमावली तथा नए प्रयोगों के चयन को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। इसमें देश के 11 क्षेत्रों के विज्ञान संयोजक एवं सहसंयोजक, साथ ही गोरक्ष प्रांत के विज्ञान विशेषज्ञ एवं अनुभवी आचार्य प्रतिभाग कर रहे हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन से हुआ। अतिथियों का परिचय एवं सम्मान प्रधानाचार्य डॉ. राजेश सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर क्षेत्रीय संयोजक बांके बिहारी जी, प्रदेश शिक्षक राम सिंह, जियालाल जी, संभाग निरीक्षक कन्हैया चौबे सहित देशभर से आए विषय विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
कार्यशाला का समापन सत्र 30 जनवरी को आयोजित होगा, जिसमें आगामी कार्ययोजना की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की जाएगी।

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