- देव शिल्पी की विद्या से संसार के कार्यों में अपना सहयोग देते आए है प्रभु विश्वकर्मा जी : मंजीत (बाबु)
गोरखपुर। श्री संकट मोचन काली बाड़ी मंदिर स्थित श्री विश्वकर्मा मंदिर में आज कई दशकों से आज विश्वकर्मा जी की धूमधाम व् विधि विधान से पूजा अर्चना होती है, साथ ही साथ औजार, शस्त्र व यंत्रों का भी विशेष पूजा अर्चना होती है।
इस विशेष पर्व पर काली बाड़ी के महंथ और हिन्दू धर्माचार्य रविन्द्र दास महाराज ने कहा कि
यह उत्सव प्रायः मुख्य तौर पर विश्वकर्मा के पांच पुत्रों मनु, मय, त्वष्टा, शिल्पी और देवज्ञ की संतानों द्वारा मनाई जाती है। यह कारखानों एवं औद्योगिक क्षेत्रों में विशेष रूप से मनाया जाता है। विश्वकर्मा को विश्व का निर्माता तथा देवताओं का वास्तुकार माना गया है।
इसी क्रम में आज के मुख्य यजमान, प्रख्यात सामाजिक कर्मयोगी व डॉ अशोक कुमार श्रीवास्तव फैंस एसोसिएशन के संयोजक मंजीत कुमार श्रीवास्तव बाबू ने कहा कि विश्वकर्मा पूजा भारत में मनाया जाने वाला एक प्रमुख हिंदू पर्व है, इस दिन देश इस दिन देश भर में विश्वकर्मा मंदिर व् स्थित कारखाने कार्यालय विभिन्न कार्यस्थलों पर विशेष पूजा अर्चना की जाती है ताकि श्रम और कौशल का सम्मान किया जा सके और आने कल के लिए आशीर्वाद प्राप्त हो सके। प्रभु श्री विश्वकर्मा जी देव शिल्पी की विद्या से संसार के कार्यों में अपना सहयोग देते आए है। औद्योगिक श्रमिकों, कारखाने के श्रमिकों और अन्य बेहतर भविष्य, सुरक्षित कामकाजी परिस्थितियों और सबसे बढ़कर, अपने-अपने क्षेत्र में सफलता के लिए प्रार्थना करते है।
इस अवसर पर मुख्य रूप से विजय विश्वकर्मा, विनोद विश्वकर्मा, रविंद्र शर्मा, पप्पू शर्मा, ओम प्रकाश शर्मा, राजेंद्र शर्मा ,सौरव विश्वकर्मा, मुकेश शर्मा, विनय विश्वकर्मा, अमन सिंह, हरेंद्र पांडे, दिलीप मिश्रा, उपेंद्र मिश्रा, जितेंद्र तिवारी, मुकेश सिंह, राजेश सिंह, ,मनीष सिंह, पंकज वर्मा, अनिल मिश्रा, विजय सिंहा, विवेक श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में प्रभु भक्त उपस्थित थे ।
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