बस्ती। मजदूर बेरोजगार एकता मंच ने न्यायालयों में भगवान चित्रगुप्त की मूर्ति स्थापित करने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री को संबोधित जारी पत्र में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद मो असलम ने यह कहा है कि कायस्थ वाहिनी अंतर्राष्ट्रीय के प्रमुख पंकज भैया कायस्थ की मांग से सहमत होते हुए इस मांग का समर्थन करते हैं तथा चूंकि न्याय के देवता भगवान चित्रगुप्त ही हैं और जैसा कि वर्णित है उनके पास सभी जीवों के कर्मों का लेखा-जोखा होता है वही सबको न्याय प्रदान करते हैं एवं 1 जुलाई को भारत सरकार ने न्यायालय की न्याय प्रणाली में कुछ धाराओं और नामों को इस आशय के साथ परिवर्तित किया था कि उनसे गुलामी के समय से चली आ रही अवधारणा बदल जाए।
प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष मजदूर बेरोजगार एकता मंच ने कहा कि न्यायालय में रोमन देवी जस्टिशिया की मूर्ति आज भी गुलामी के प्रतीक के रूप में विराजमान है।
उन्होंने कहा,‘हम इस मुहिम का समर्थन करते हैं और न्यायालयों में भगवान श्री चित्रगुप्त की मूर्ति स्थापित करवाने की मांग करते हैं।’
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