राची। झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र का बुधवार को तीसरा दिन है. विधानसभा में लगातार पक्ष-विपक्ष आमने-सामने नजर आ रहे हैं। वहीं नियोजन नीति पर भी सदन में तीसरे दिन जमकर हंगामा हुआ। झारखंड हाई कोर्ट के द्वारा नियोजन नीति रद्द किए जाने के बाद शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्ष सरकार पर हमलावर है। वहीं विपक्ष का जवाब भी सत्ता पक्ष दे रहा है। सदन में भाग लेने पहुंचे भाजपा विधायक दल नेता बाबुलाल मरांडी और बीजेपी विधायक रणधीर सिंह ने कहा कि हमलोग शुरू से यह बोल रहे थे कि यह नियोजन नीति गलत है। जो लोग बाहर रह कर पढ़ाई कर रहे थे। क्या उन्हें यहां नौकरी करने का अधिकार नहीं है। इस कानून में त्रुटि बहुत सारी थी। इस देश में लोग स्वतंत्र है और कोर्ट कोई भी जा सकता है। कोर्ट जाने से किसी को सरकार रोक नहीं सकती है।
वहीं इस मामले पर कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी ने नियोजन नीति के रद्द होने के पीछे का कारण भाजपा है। इन लोगों की वजह से ही नियोजन नीति रद्द हुई है। विधायक ने कहा कि भाजपा के लोग झूठी आंसू बहा रहे हैं। अगर इन्हें छात्र का इतना ख्याल था तो इसपर सदन में बहस करने से पीछे क्यों हट रहे हैं।
ई़डी को लेकर विधानसभा में हंगामा
झारखंड में ई़डी की कार्रवाई तेज है। इसकी जद में कई नेता और अधिकारी आ गये हैं। हर दिन ई़डी एक नया खुलासा कर रही है। अब ईडी की ओर से मुख्यमंत्री के प्रेस सलाहकार पर एक और आरोप लगाया गया है। इसकी गूंज विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भी सुनाई दे रही है। भाजपा विधायक दल नेता बाबुलाल मरांडी ने कहा कि इस राज्य में पहले टेंडर और ठेका को मैनेज किया जा रहा था। इसके बाद केस को मैनेज किया गया। इन सब के पीछे कोई और नहीं सीएम का प्रेस सलाहकार का हाथ है। राज्य को यह सरकार किस ओर ले जा रही है। यह सरकार गुंडों व डकैतों का अड्डा बन गया है। ऐसी स्थिति बन गयी है, राज्य में कानून नाम की चीज़ ही नहीं बची। इस हाल को देखते हुए राज्य में राष्ट्रपति शासन लग जाना चाहिए।
वहीं इस पर कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी ने कहा कि यह हेमंत की सरकार है। ऐसा रघुवर दास के राज में ऐसा होता था। इस सरकार में ऐसा काम नहीं होता है। इसकी जांच होगी तब सभी चीज साफ हो जाएगा।

No comments:
Post a Comment