रुधौली। बजाज चीनी मिल रुधौली के इकाई प्रमुख डॉ. जेपी त्रिपाठी ने क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा कर तेज हवा एवं बारिश के कारण गिरी गन्ने की फसल का निरीक्षण किया। उन्होंने महुआ, खजुआ, गौतम करहली, भरवलिया, कसैला पकड़ी, पकड़ी बी, पालने और दौरा पत्ती सहित कई गांवों में किसानों से फसल की स्थिति की जानकारी ली।
इस दौरान कुआनो और मनोरमा नदियों के बढ़ते जलस्तर से गन्ने की फसल को होने वाले संभावित नुकसान को लेकर किसानों से चर्चा की गई। इकाई प्रमुख ने किसानों को सलाह दी कि गिरे हुए गन्ने को बांध दें और खेतों में जमा पानी की तत्काल निकासी की व्यवस्था करें, ताकि फसल को नुकसान से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि गन्ना गिरने से उत्पादन प्रभावित होता है और जंगली जानवरों से फसल को नुकसान की आशंका भी बढ़ जाती है।
डॉ. त्रिपाठी ने किसानों से अधिक से अधिक क्षेत्रफल में शरदकालीन गन्ने की बुवाई करने की अपील की। उन्होंने बताया कि शरदकालीन गन्ने से बेहतर उत्पादन प्राप्त होने के साथ सिंचाई लागत में भी कमी आती है। साथ ही पेड़ी की पर्ची मिलने से किसान समय से गेहूं की बुवाई कर सकते हैं तथा फसल पर जंगली जानवरों और रोग-किट के प्रकोप की संभावना भी कम रहती है।
सीनियर गन्ना अधिकारी बाल सिंधु गगन पांडे ने किसानों से अपील की कि शरदकालीन गन्ने की बुवाई के लिए बीज की अग्रिम बुकिंग अपने संबंधित बीज सुपरवाइजर से करा लें, ताकि समय से गन्ना बीज उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने बताया कि फील्ड सुपरवाइजर गांव-गांव जाकर किसानों को शरदकालीन गन्ने की बुवाई के लिए जागरूक कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि बढ़ते नदी जलस्तर की निगरानी के लिए टीम गठित की गई है, जो प्रतिदिन स्थिति की रिपोर्ट चीनी मिल को उपलब्ध करा रही है। फसल के वास्तविक नुकसान का आकलन नदी का जलस्तर घटने के बाद ही किया जा सकेगा।
इस दौरान गन्ना अधिकारी एसबी शुक्ल सहित क्षेत्रीय किसान मौजूद रहे।

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