बस्ती। कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ज्ञान चन्द्र गुप्ता की अध्यक्षता में उद्योग बंधु एवं वाणिज्य बंधु की बैठक हुई। बैठक में उद्यमियों और व्यापारियों की समस्याओं पर चर्चा करते हुए अपर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को उनका त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समस्याओं को अनावश्यक रूप से लंबित रखने और दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक का संचालन करते हुए उपायुक्त उद्योग राजेश रोमन ने बताया कि निवेश मित्र पोर्टल पर उद्यमियों से संबंधित कुल 389 प्रकरण प्राप्त हुए हैं। इनमें 249 का निस्तारण किया जा चुका है, नौ आवेदन निरस्त किए गए हैं तथा 71 आवेदन विभिन्न विभागों में विचाराधीन हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण सहायता योजना और हस्ताक्षरित एमओयू से संबंधित जानकारी भी दी।
बैठक में व्यापारियों ने औद्योगिक क्षेत्र में जलनिकासी, दक्षिण दरवाजा चौराहे से मंगल बाजार जाने वाली सड़क के चौड़ीकरण तथा बभनान बाजार की समस्याएं उठाईं। चैंबर्स ऑफ कॉमर्स के महासचिव एचसी शुक्ला ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र में जलनिकासी की समस्या के समाधान की कार्रवाई पूरी हो चुकी है। व्यापारियों ने दीपावली के मद्देनजर मिठाई की दुकानों की चरणबद्ध जांच कराने की मांग की, ताकि जांच के दौरान व्यापारियों को अनावश्यक परेशानी न हो। अपर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। गांधीनगर में मल्टीलेवल पार्किंग की स्वीकृति पर व्यापारियों ने प्रसन्नता जताई।
- ब्याज माफी योजना से व्यापारियों को राहत
बैठक में उपायुक्त राज्य कर उपेन्द्र यादव ने ब्याज माफी योजना-2026 की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निर्धारित कर अधिनियमों के अंतर्गत 31 दिसंबर 2025 तक सृजित बकायों पर मूलधन जमा करने की शर्त पर ब्याज और अर्थदंड में छूट का प्रावधान किया गया है। 10 लाख रुपये तक के मूल बकाये पर 100 प्रतिशत ब्याज और अर्थदंड माफ होगा। 10 लाख से एक करोड़ रुपये तक के बकाये पर 90 प्रतिशत ब्याज, एक से पांच करोड़ रुपये तक के बकाये पर 75 प्रतिशत ब्याज तथा पांच करोड़ रुपये से अधिक के बकाये पर 50 प्रतिशत ब्याज माफ किया जाएगा। सभी श्रेणियों में अर्थदंड की 100 प्रतिशत माफी का प्रावधान है।
उन्होंने बताया कि जिले में विभिन्न अधिनियमों के तहत वसूली के लिए 7,768 आरसी लंबित हैं, जिनमें 121.68 करोड़ रुपये का राजस्व बकाया है। योजना का लाभ लेने के लिए व्यापारी विभागीय वेबसाइट comtax.up.nic.in पर आवेदन कर सकते हैं। यह योजना शासनादेश जारी होने की तिथि से तीन माह तक प्रभावी रहेगी।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ व्यापार मंडल एवं उद्यमी संगठनों के पदाधिकारी आशुतोष कुमार राय, सुनील कुमार गुप्ता, सूर्य कुमार शुक्ला, हरिमूर्ति सिंह, मनोज और जगदीश अग्रहरि सहित अन्य व्यापारी व उद्यमी उपस्थित रहे।

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