शाहजहांपुर। जनपद में संचालित विकास कार्यों की प्रगति एवं नगर पंचायतों की व्यवस्थाओं का स्थलीय सत्यापन करने के क्रम में जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा नगर पंचायत कांट का विस्तृत निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सर्वप्रथम नगर पंचायत कार्यालय का भ्रमण कर विभिन्न अभिलेखों एवं व्यवस्थाओं का परीक्षण किया। इस दौरान जन्म-मृत्यु पटल के रजिस्टरों का अवलोकन करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि जन्म एवं मृत्यु से संबंधित प्रतिदिन प्राप्त होने वाले प्रार्थना-पत्रों का पृथक दैनिक रजिस्टर तैयार किया जाए, जिससे अभिलेखों का सुव्यवस्थित रख रखाव सुनिश्चित किया जा सके।
इसके उपरांत अधिशासी अधिकारी नूरजहॉं द्वारा प्रस्तुतीकरण के माध्यम से नगर पंचायत कांट के संक्षिप्त इतिहास एवं वर्तमान में संचालित विभिन्न विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। प्रस्तुतीकरण में कान्हा गौशाला के निर्माण, वंदन योजना के अंतर्गत प्राचीन माँ शीतला देवी मंदिर परिसर में निर्मित विश्रामालय, मदनापुर रोड पर निर्माणाधीन दुकानों, आदर्श नगर पंचायत योजना के अंतर्गत मार्ग प्रकाश एवं सी सी रोड निर्माण, जल निकासी हेतु नाला निर्माण तथा स्वच्छ भारत मिशन (एस बी एम 2.0) के अंतर्गत निर्माणाधीन शौचालयों सहित अन्य कार्यों की प्रगति से अवगत कराया गया। इसके अतिरिक्त नगर की सफाई व्यवस्था के अंतर्गत संचालित डोर-टू-डोर कलेक्शन प्रणाली, निकाय की आय के स्रोतों, जी आई एस सर्वे के उपरांत कर में हुई वृद्धि, निकाय क्षेत्र में लागू विभिन्न उपविधियों, सेफ सिटी परियोजना के अंतर्गत स्थापित सीसीटीवी कैमरों, वेस्ट टू वंडर पार्क, पोल पंजीयन तथा तालाब सौंदर्यीकरण कार्यों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
वहीं दूसरी ओर निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने वंदन योजना के अंतर्गत माँ शीतला देवी मंदिर परिसर में निर्मित विश्रामालय का स्थलीय निरीक्षण किया तथा मंदिर में माता रानी के दर्शन कर जनपद की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके पश्चात उन्होंने निर्माणाधीन कान्हा गौशाला का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि नगर पंचायत में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत संचालित समस्त निर्माण कार्यों को निर्धारित समयसीमा 31 मार्च, 2026 तक गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी द्वारा वेट वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट का भी निरीक्षण किया गया, जहाँ उन्होंने गीले कूड़े से तैयार की जा रही जैविक खाद की प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की। इसके साथ ही एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर का निरीक्षण करते हुए सूखे कूड़े के पृथक्कीकरण एवं उससे प्राप्त विभिन्न उपयोगी सामग्रियों का अवलोकन किया। अभिलेखों के परीक्षण के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि सेंटर पर प्रतिदिन आने वाले कूड़ा वाहनों का नियमित पंजीकरण किया जाए तथा सेंटर पर स्थापित सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग कम से कम एक माह तक सुरक्षित रखी जाए, जिससे पारदर्शिता एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो सके। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एमआरएफ सेंटर को जाने वाले संपर्क मार्ग का भी निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि मार्ग का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए, जिससे नगर के ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित निस्तारण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने नगर की स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत कांट को निर्देश दिए कि डोर-टू-डोर कलेक्शन प्रणाली को प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक घर पर क्यूआर कोड लगाया जाए, जिससे प्रत्येक घर से कूड़ा संग्रहण की निगरानी एवं पुष्टि सुनिश्चित की जा सके। इस अवसर पर अधिशासी अधिकारी नूरजहॉं, अवर अभियंता, नगर पंचायत कांट के पूर्व अध्यक्ष रईस मियां, समस्त सभासदगण एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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