बस्ती। गायत्री शक्तिपीठ बस्ती के वरिष्ठ परिव्राजक/ट्रस्टी राम प्रसाद त्रिपाठी ने बताया की गायत्री शक्तिपीठ के प्रांगण में बसंत पंचमी का पावन पर्व और महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाषचंद्र बोस जी की जयंती (पराक्रम दिवस) श्रद्धा पूर्वक मनाया गया। गायत्री परिवार के संस्थापक वेद मूर्ति तपोनिष्ठ पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी का आत्मबोध आज से 100 वर्ष पूर्व बसंत पर्व पर हिमालय के सूक्ष्म शरीर धारी महायोगी सर्वेश्वरानन्द जी ने प्रकट होकर पूज्य गुरुदेव को आत्मबोध कराया और अखंड घृत दीप प्रज्वलित रखकर गायत्री मंत्र के जप पुरश्चरण की घोषणा एवं गायत्री के अवतरण की बात कही। तभी से बसंत पर्व गायत्री परिवार का बोध दिवस है। गायत्री परिवार के शताब्दी वर्ष पर शक्तिपीठ में 22 जनवरी को अखंड जप प्रारंभ हुआ, 23 जनवरी को जप का समापन तथा यज्ञ में विविध संस्कार संपन्न हुए। 23 जनवरी 2026 अपराह्न 3ः00 बजे से संगीत, उद्बोधन, पर्व पूजन, दीप यज्ञ, संकल्प, श्रद्धांजलि, आरती, सामूहिक सहभोज (भंडारा) के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
भंडारे में सैकड़ो लोगो ने प्रसाद ग्रहण किया द्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राजेंद्र कुमार पांडेय वरिष्ठ अधिवक्ता उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने इक्कीसवी सदी नारी सदी की महत्ता पर प्रकाश डाला। शक्तिपीठ के संस्थापक ट्रस्टी रामचंद्र शुक्ल ने बसंत पर्व की आध्यात्मिकता पर प्रकाश डाला और अंतःकरण में सद्भावनाओं का उमंग पैदा करने की कामना की। संचालन वरिष्ठ परिव्राजक/ट्रस्टी राम प्रसाद त्रिपाठी ने किया। महिला मंडल के जिला अध्यक्ष पूजा सिंह ने नारी जाति को आदर्श ग्रहणी बनने की प्रेरणा दी।
महिला मंडल की जिला संयोजिका प्रतिमा सिंह, महिला मंडल की सरंक्षिका रेनू मिश्रा, कांती चौरसिया,पुष्पा सिंह आदि महिलाओं ने अखंड जप एवं विविध कार्यक्रमों में सपरिवार उत्साहपूर्वक संलग्न रही। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जगदम्बिका पांडेय, सर्वेश श्रीवास्तव, के के पांडेय, श्याम पांडेय, स्वामी दयाल, उपेंद्र उपाध्याय, विशाल, राजकुमार, महेश्वरानन्द, संतोष, यशपाल, मोनू, शिवम, अमन सहित सभी कार्यक्रताओ ने सहयोग किया।
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