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Friday, January 9, 2026

भारतीय रेल के 70वें अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार से पूर्वोत्तर रेलवे के तीन कर्मचारी सम्मानित


गोरखपुर। रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री भारत सरकार अश्विनी वैष्णव ने 09 जनवरी 2026 को इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर (यशोभूमि), द्वारका, नई दिल्ली में आयोजित भव्य पुरस्कार वितरण समारोह में भारतीय रेल के 100 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनके असाधारण योगदान के लिए प्रतिष्ठित 70वां अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार–2025 प्रदान कर सम्मानित किया। इसमें पूर्वोत्तर रेलवे के तीन समर्पित कर्मचारियों को भी यह सम्मान मिला।

पूर्वोत्तर रेलवे के यांत्रिक कारखाना, गोरखपुर में सीनियर सेक्शन इंजीनियर (सी एंड डब्ल्यू) के पद पर कार्यरत दिलीप कुमार गौतम को उनकी तकनीकी नवाचार क्षमता के लिए सम्मानित किया गया। श्री गौतम ने अपनी देखरेख में ई.पी.पी.एफ.एस. सिस्टम के कंट्रोल पैनल एवं पानी के सिलेंडरों के परीक्षण हेतु एक विशेष टेस्ट बेंच तैयार कराई। इसके माध्यम से न्यूनतम लागत पर 1200 से अधिक खराब पानी के सिलेंडरों को कार्यशील बनाया गया तथा 250 से अधिक खराब कंट्रोल पैनलों की मरम्मत कराकर लगभग 4.39 करोड़ रुपये के रेल राजस्व की बचत की गई। उनके प्रयासों से कारखाने में विफलताओं को शून्य करने में महत्वपूर्ण सफलता मिली।

इसी क्रम में मुख्य यातायात निरीक्षक, मथुरा छावनी भगवान सहाय मीना को सतर्कता एवं त्वरित निर्णय क्षमता के लिए सम्मानित किया गया। 14 नवम्बर 2023 को ट्रेन संख्या 05348 से स्टेशन निरीक्षण के दौरान उन्होंने राया–सोनाई ब्लॉक खंड में असामान्य गंध महसूस की। सोनाई यार्ड में जांच के दौरान चक्के में आग लगने की स्थिति देखकर उन्होंने तत्काल स्टेशन स्टाफ को सूचित कर अग्निशामक यंत्र की व्यवस्था कराई और स्टेशन अधीक्षक, ट्रेन मैनेजर एवं लोको पायलट के सहयोग से आग बुझवाकर चक्का रिलीज कराया, जिससे एक बड़ी रेल दुर्घटना टल गई।

वहीं सीवान कचहरी में ट्रैक मेंटेनर के पद पर कार्यरत राजन कुमार यादव को भी उनकी सतर्कता और सूझबूझ के लिए अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 29 दिसम्बर 2024 को गश्त के दौरान कीमैन के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने किमी संख्या 8/14–15 पर ए.टी. वेल्ड में क्रैक देखा और तुरंत पटरी की सुरक्षा सुनिश्चित कर वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। समय पर की गई कार्रवाई से सुरक्षित ट्रेन संचालन संभव हो सका और किसी भी संभावित दुर्घटना को रोका जा सका।

पूर्वोत्तर रेलवे के इन तीनों कर्मचारियों को मिले इस सम्मान से पूरे रेल परिवार में गौरव और प्रेरणा का माहौल है।

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