बस्ती। महूघाट-विशेषरगंज रोड स्थित पूरे अजबी गांव (नारायणपुर ग्रामसभा) की बंजर भूमि पर दशकों से अवैध कब्ज़े का मामला सुर्खियों में है। गाटा संख्या 48, 49, 50, 51, 52 व 53 पर कब्ज़ा कर किसान लघु माध्यमिक विद्यालय हरदिया पूरे अजबी में संचालित किया जा रहा है। यह विद्यालय हरदिया गांव सभा से संबद्ध बताया गया है, जबकि कब्ज़ा की गई ज़मीन पूरे अजबी गांव की है।
समाजसेवी व उच्च न्यायालय के अधिवक्ता प्रभात शुक्ल के मार्गदर्शन में पूरे अजबी निवासी विजय प्रकाश शुक्ल ने मामले की शिकायत की थी, जिसके आधार पर मा० उच्च न्यायालय, इलाहाबाद में जनहित याचिका (संख्या 2036/2025) दाखिल की गई। अदालत ने इस पर संज्ञान लेते हुए तहसीलदार हर्रैया से रिपोर्ट तलब की।
स्थानीय लेखपाल विक्की यादव द्वारा की गई जांच में पाया गया कि गाटा संख्या 51, 52 व 53 पर विद्यालय की इमारत बनी है जबकि अन्य गाटों पर खेल का मैदान खाली पड़ा है। इस आधार पर तहसीलदार हर्रैया अभयराज ने 18 अगस्त को ही विद्यालय प्रबंधक राकेश मणि त्रिपाठी के विरुद्ध बेदखली का मुकदमा दर्ज कर न्यायालय को रिपोर्ट सौंप दी।
इसके बावजूद, एक माह बीत जाने के बाद भी जमीनी स्तर पर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही नहीं हो पाई है। गांव के प्रतिष्ठित लोग—विजय प्रकाश शुक्ल, चंद्रशेखर मिश्र, अनिल मिश्र, गजराज शुक्ल और सुनील यादव ने प्रशासन पर लापरवाही, निष्क्रियता और मनमाने रवैये का आरोप लगाया है।
इनका कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट आदेश दिया है कि देश की बंजर भूमि को शीघ्र अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए, लेकिन तहसील प्रशासन आदेशों की अनदेखी कर रहा है। इससे न केवल जनहित प्रभावित हो रहा है, बल्कि सरकार को भी नुकसान हो रहा है।
गौरतलब है कि किसान लघु माध्यमिक विद्यालय हरदिया के नाम पर दर्ज मूल भूमि हरदिया गांव में ही है, लेकिन वहां की जमीन को प्रबंधक राकेश मणि त्रिपाठी निजी कृषिकार्य में उपयोग कर रहे हैं, जबकि विद्यालय पूरे अजबी गांव की बंजर भूमि पर संचालित हो रहा है।
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