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Tuesday, September 1, 2026

यूजीसी के नए कानून के विरोध में मेधा पार्टी का धरना नौवें दिन भी जारी


बस्ती। यूजीसी के नए रेग्यूलेशन 2026 को वापस लेने समेत सात सूत्रीय मांगों को लेकर मेधा पार्टी का गांधीकला भवन परिसर स्थित बापू प्रतिमा के निकट चल रहा धरना मंगलवार को नौवें दिन भी जारी रहा। धरने में पार्टी पदाधिकारियों के साथ विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने भी भाग लेकर मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।
मेधा पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता दीन दयाल त्रिपाठी ने कहा कि पार्टी गरीबों को मुफ्त शिक्षा का अधिकार दिलाने के अभियान को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा में समानता और सामाजिक न्याय सुनिश्चित किए बिना समाज के वंचित वर्गों का समुचित विकास संभव नहीं है। मांगें पूरी होने तक पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा।
पार्टी की सात सूत्रीय मांगों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में एकल पदों पर आरक्षण व्यवस्था समाप्त किए जाने, यूजीसी रेग्यूलेशन 2026 वापस लेने, दशमोत्तर कक्षाओं में सभी जातियों के विद्यार्थियों को आर्थिक आधार पर शुल्क प्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति का लाभ देने की मांग प्रमुख है। इसके अलावा निजी स्कूलों में 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत मुफ्त दाखिले की प्रक्रिया सरल बनाने, शिक्षा-प्रशिक्षण संस्थानों में समान अवसर सुनिश्चित करने तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के गरीब विद्यार्थियों को दशमोत्तर कक्षाओं में निजी शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थानों में निःशुल्क प्रवेश देने की मांग भी शामिल है।
श्री त्रिपाठी ने कहा कि गरीब और जरूरतमंद बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने तथा उनके शैक्षिक अधिकारों की रक्षा के लिए मेधा पार्टी लगातार संघर्ष करती रहेगी।
धरने के नौवें दिन उमेश पाण्डेय मुन्ना, पं. सुनील भट्ट, संतोष शुक्ल, विशाल सिंह, अंकित सिंह, रवि शुक्ल, कार्तिकेय तिवारी, गिरीश चंद्र गिरी, नागेंद्र मिश्र, दीपक, अजय कुमार चौधरी, राहुल त्रिपाठी, जावेद अहमद, विपुल सिंह, संतोष कुमार पाण्डेय, रामरीका पाण्डेय, विजय कुमार पाल, दिनेश कुमार चौधरी समेत मेधा पार्टी के अनेक पदाधिकारी, सदस्य और विभिन्न संगठनों के लोग मौजूद रहे।

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