संतकबीरनगर। महिला संबंधी अपराधों की विवेचना में लापरवाही और स्वेच्छाचारिता बरतने के मामले में पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने कड़ा रुख अपनाते हुए थाना दुधारा पर तैनात उपनिरीक्षक वीर बहादुर यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जानकारी के अनुसार 23 मार्च 2026 को आयोजित अर्दली रूम के दौरान पुलिस अधीक्षक द्वारा विभिन्न थानों के विवेचनात्मक कार्यों की समीक्षा की जा रही थी। इसी क्रम में थाना दुधारा पर तैनात उपनिरीक्षक वीर बहादुर यादव के पास लंबित महिला संबंधी अपराधों की जांच का परीक्षण किया गया।
जांच में पाया गया कि उन्होंने गंभीर महिला अपराधों की विवेचना में लापरवाही बरती, मामलों का समयबद्ध निस्तारण नहीं किया और विधिक प्रक्रियाओं का पालन करने में भी ढिलाई दिखाई। इस पर पुलिस अधीक्षक ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए तत्काल कार्रवाई की।
पुलिस अधीक्षक ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ श्रेणी के पुलिस अधिकारियों की (दंड एवं अपील) नियमावली 1991 के नियम 17(1)(क) के तहत उपनिरीक्षक को निलंबित करने का आदेश जारी किया।
इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में स्पष्ट संदेश गया है कि महिला अपराधों के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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