गोरखपुर। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर दलित चिंतक व सामाजिक कार्यकर्ता इंजीनियर बृजमोहन ने कहा कि नारी शक्ति किसी भी विकसित राष्ट्र के विकास का आधार स्तंभ होती है। उन्होंने कहा कि भारत में नारी शक्ति सदैव अग्रणी रही है और हर वर्ष 8 मार्च को मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं के संघर्ष, संकल्प और सफलता का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपरा में सदैव नारी सम्मान को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। “यत्र तु नार्यः पूज्यन्ते तत्र देवताः रमन्ते” अर्थात जहां स्त्रियों का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का निवास होता है। मां, बहन, पत्नी, बेटी और मित्र के रूप में नारी जीवन के हर पड़ाव पर प्रेम, त्याग और समर्पण का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करती है।
इंजीनियर बृजमोहन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए “विकास के साथ विरासत” के सूत्र ने भारतीय संस्कृति में निहित नारी सम्मान की भावना को और मजबूती दी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए केंद्र सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनमें आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, मातृ वंदना योजना, महिला स्वरोजगार और सुकन्या समृद्धि योजना प्रमुख हैं। इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी सशक्तिकरण को बल मिला है।
उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं को शिक्षा, तकनीक और रोजगार के अधिक अवसर दिए जाने चाहिए। जब बहन-बेटियों को उचित अवसर और सुविधाएं मिलती हैं तो वे समाज और राष्ट्र को कई गुना अधिक लौटाती हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास में भी महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इंजीनियर बृजमोहन ने यह भी कहा कि अक्सर महिलाओं के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय समाज, परिवार या परंपराओं के दबाव में तय किए जाते हैं। महिलाओं को भी अपने जीवन, शिक्षा, करियर और जीवनशैली से जुड़े निर्णय लेने की स्वतंत्रता और सम्मान मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि महिलाएं केवल घर की जिम्मेदारी निभाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज और देश के विकास की मजबूत शक्ति हैं। उन्हें बराबरी का सम्मान, अवसर और निर्णय लेने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।
अंत में उन्होंने सभी से आह्वान किया कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर नारी सम्मान और सशक्तिकरण का संकल्प लें, क्योंकि जब नारी मानसिक, बौद्धिक और आर्थिक रूप से सशक्त होगी तभी परिवार, समाज और राष्ट्र भी सशक्त बनेगा।

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