गोरखपुर। पूर्वाेत्तर रेलवे के महाप्रबंधक उदय बोरवणकर ने गोरखपुर छावनी स्थित सिगनल कारखाना का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्य सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर एम.एल. मकवाना, मुख्य सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर/नियोजन नीलाभ महेश, मुख्य कारखाना प्रबंधक/सिगनल कारखाना पवन कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी और पर्यवेक्षक भी उपस्थित थे।
निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने मॉडल रिले रूम के विभिन्न यूनिटों में सिगनलिंग रिले से संबंधित कार्यों और प्रपत्रों का अवलोकन किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिगनलिंग रिले के सभी परीक्षण चरणों को पूर्ण रूप से करना अत्यंत आवश्यक है ताकि संभावित विफलताओं को न्यूनतम किया जा सके।
इसके अलावा, श्री बोरवणकर ने 143 मिमी इलेक्ट्रिक प्वाइंट मशीन (ई.पी.एम.), बैटरी चार्जर और रिले परीक्षण मशीनों का निरीक्षण किया। उन्होंने परीक्षण मशीनों के अपग्रेडेशन और विफलताओं के डेटा संग्रह के लिए फीडबैक सिस्टम बनाने पर जोर दिया।
महाप्रबंधक ने इलेक्ट्रिक लिफ्टिंग बैरियर (ई.एल.बी.) की कार्यप्रणाली और ऑपरेटस केस के लॉकिंग सिस्टम में सुधार के लिए भी निर्देश दिए। उन्होंने उत्पादन में प्रयुक्त सामग्रियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और केवल उचित सामग्री के उपयोग पर विशेष ध्यान देने को कहा।
निरीक्षण के समापन अवसर पर महाप्रबंधक ने सिगनल कारखाना परिसर में पौधारोपण भी किया।
सिगनल कारखाना पूर्वाेत्तर रेलवे के साथ-साथ पूर्व रेलवे, पश्चिम रेलवे, उत्तर रेलवे, दक्षिण रेलवे, मध्य रेलवे सहित देश के कई अन्य रेलवे क्षेत्रों को सिगनलिंग रिले, इलेक्ट्रिक प्वाइंट मशीन और ऑपरेटस केस की आपूर्ति करता है। इस वित्त वर्ष 2025-26 में कारखाना ने 14,060 सिगनलिंग रिले, 2,066 इलेक्ट्रिक प्वाइंट मशीन और 2,302 ऑपरेटस केस का उत्पादन किया है।

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