बस्ती। शुक्रवार को वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति द्वारा नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर आज़ाद हिंद फौज के सेनानी रामू उपाध्याय को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित कार्यक्रम में समिति के महासचिव एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के वंशज श्याम प्रकाश शर्मा ने कहा कि नेताजी ने देश की गुलामी को निकट से महसूस किया और विश्व भ्रमण कर आज़ादी के संघर्ष के लिए जो वातावरण तैयार किया, उसका संसार में कोई दूसरा उदाहरण नहीं मिलता।
उन्होंने कहा कि नेताजी के “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा” के आह्वान पर सैकड़ों लोग एकत्र हुए। बस्ती जनपद के फेटवा निवासी रामू उपाध्याय भी इसी संकल्प के साथ नेताजी से जुड़े। संयोगवश दोनों महापुरुषों की जयंती एक ही दिन पड़ती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बटुकनाथ शुक्ल ने नेताजी के योगदान पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि कठिन समय में उन्होंने देश को जो मार्ग दिखाया, आज़ादी उसी का प्रतिफल है। ऐसे महापुरुषों को सदैव स्मरण किए जाने की आवश्यकता है।
पं. चंद्रबली मिश्र ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस एवं उनके सहयोगी रामू उपाध्याय के जीवन वृत्त पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नई पीढ़ी को उनके बलिदान से प्रेरणा लेनी चाहिए। नेताजी का योगदान युगों तक याद किया जाएगा।
कार्यक्रम में सागर गोरखपुरी, डॉ. राजेंद्र सिंह ‘राही’, अजीत श्रीवास्तव ‘राज’, संजीव पांडेय, बालकृष्ण चौधरी एडवोकेट, प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, सामईन फारूकी, राहुल कुमार चौहान, दीपक सिंह प्रेमी, दीनानाथ यादव, गणेश, अजमत अली सिद्दीकी सहित अन्य उपस्थित लोगों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस एवं रामू उपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

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