बस्ती। आर्य समाज और आर्य वीर दल बस्ती द्वारा बालिकाओं में सदाचार, संयम, अनुशासन और चरित्र निर्माण के उद्देश्य से चरित्र निर्माण शिविर स्वामी दयानंद विद्यालय सुरतीहट्टा बस्ती में चल रहा है, जिसमें बालिकाओं को प्रशिक्षिका राधा और शालू आर्य द्वारा सूर्य नमस्कार, दण्ड बैठक, आसन, प्राणायाम, जूडो कराटे, भाला तलवार सहित संगीतमयी व्यायाम का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बौद्धिक कक्षा में महिला पतंजलि योग समिति की जिला प्रभारी कामना पाण्डेय और योग शिक्षिका किरन जायसवाल ने बताया कि शिविर में बच्चों को राष्ट्र प्रेम, बड़ों का आदर सम्मान करना एवं आपसी व्यवहार एवं वाणी का उचित एवं समयानुकूल प्रयोग के गुर भी सिखाए जा रहे हैं साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी के युग में जहॉ हमें वैश्विक प्रतिस्पर्धा में स्थान बनाना हैं वहॉ अपने मूल सांस्कृतिक धरोहर को भी बचाकर रखने तरीके भी बताए जा रहे हैं लेकिन यह काम देश के संस्कारवान युवा शक्ति ही कर सकती हैं। इस अवसर पर बच्चों को मिट्टी से मूर्ति खिलौने आदि बनाने की कला भी सिखाई। गरुण ध्वज पाण्डेय और आचार्य देवव्रत आर्य ने बताया कि यह कार्यक्रम सुप्त समाज को जगाने वाला शंखनाद है हमें इस नाद को और बुलन्द करना है जिससे समाज उन्नत बन सके। इस अवसर पर संचालक आदित्य नारायण गिरि ने बताया कि व्यायाम और यज्ञ का सामंजस्य बच्चों को सकारत्मक सोच के साथ पुरुषार्थ करने की प्रेरणा देगा और देश के प्रति निरन्तर समर्पण बनाए रखने में मदद करेगा। ओम प्रकाश आर्य प्रधान आर्य समाज नई बाजार बस्ती ने बताया कि बच्चों को उपरोक्त के अलावा ब्रह्मयज्ञ व देवयज्ञ का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है साथ ही भारतीय संस्कृति पर आधारित विभिन्न आध्यात्मिक एवं सामाजिक विषयों पर बौद्धिक सत्र भी रखा जाता है। दिनांक 2 जनवरी को प्रतियोगिता होगी एवं विजेता बालिकाओं को 3 जनवरी के समापन समारोह में सम्मानित किया जायेगा। इस शिविर में नितीश कुमार, अनूप कुमार त्रिपाठी, दिनेश कुमार, अरविन्द श्रीवास्तव, अनीशा मिश्रा, महक मिश्रा, शिवांगी गुप्ता, ज्योति सोनी, अंशिका पाण्डेय आदि ने बच्चों को सीखने में सहयोग किया।
बस्ती। आर्य समाज और आर्य वीर दल बस्ती द्वारा बालिकाओं में सदाचार, संयम, अनुशासन और चरित्र निर्माण के उद्देश्य से चरित्र निर्माण शिविर स्वामी दयानंद विद्यालय सुरतीहट्टा बस्ती में चल रहा है, जिसमें बालिकाओं को प्रशिक्षिका राधा और शालू आर्य द्वारा सूर्य नमस्कार, दण्ड बैठक, आसन, प्राणायाम, जूडो कराटे, भाला तलवार सहित संगीतमयी व्यायाम का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बौद्धिक कक्षा में महिला पतंजलि योग समिति की जिला प्रभारी कामना पाण्डेय और योग शिक्षिका किरन जायसवाल ने बताया कि शिविर में बच्चों को राष्ट्र प्रेम, बड़ों का आदर सम्मान करना एवं आपसी व्यवहार एवं वाणी का उचित एवं समयानुकूल प्रयोग के गुर भी सिखाए जा रहे हैं साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी के युग में जहॉ हमें वैश्विक प्रतिस्पर्धा में स्थान बनाना हैं वहॉ अपने मूल सांस्कृतिक धरोहर को भी बचाकर रखने तरीके भी बताए जा रहे हैं लेकिन यह काम देश के संस्कारवान युवा शक्ति ही कर सकती हैं। इस अवसर पर बच्चों को मिट्टी से मूर्ति खिलौने आदि बनाने की कला भी सिखाई। गरुण ध्वज पाण्डेय और आचार्य देवव्रत आर्य ने बताया कि यह कार्यक्रम सुप्त समाज को जगाने वाला शंखनाद है हमें इस नाद को और बुलन्द करना है जिससे समाज उन्नत बन सके। इस अवसर पर संचालक आदित्य नारायण गिरि ने बताया कि व्यायाम और यज्ञ का सामंजस्य बच्चों को सकारत्मक सोच के साथ पुरुषार्थ करने की प्रेरणा देगा और देश के प्रति निरन्तर समर्पण बनाए रखने में मदद करेगा। ओम प्रकाश आर्य प्रधान आर्य समाज नई बाजार बस्ती ने बताया कि बच्चों को उपरोक्त के अलावा ब्रह्मयज्ञ व देवयज्ञ का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है साथ ही भारतीय संस्कृति पर आधारित विभिन्न आध्यात्मिक एवं सामाजिक विषयों पर बौद्धिक सत्र भी रखा जाता है। दिनांक 2 जनवरी को प्रतियोगिता होगी एवं विजेता बालिकाओं को 3 जनवरी के समापन समारोह में सम्मानित किया जायेगा। इस शिविर में नितीश कुमार, अनूप कुमार त्रिपाठी, दिनेश कुमार, अरविन्द श्रीवास्तव, अनीशा मिश्रा, महक मिश्रा, शिवांगी गुप्ता, ज्योति सोनी, अंशिका पाण्डेय आदि ने बच्चों को सीखने में सहयोग किया।

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