गुजरात। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर गुजरात के सीमावर्ती भुज जिले के ‘ग्रेट रन ऑफ कच्छ’ के धोरडो में राष्ट्रभक्ति, स्वदेशी चेतना और सांस्कृतिक गौरव का अद्भुत संगम देखने को मिला। खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में दुनिया के सबसे विशाल खादी से निर्मित राष्ट्रीय तिरंगे का भव्य प्रदर्शन किया गया। सफेद नमक के विस्तृत रेगिस्तान पर लहराता यह तिरंगा देश की एकता, आत्मनिर्भरता और खादी की गौरवशाली परंपरा का सशक्त प्रतीक बना।
इस ऐतिहासिक अवसर पर भारतीय सेना एवं सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने तिरंगे को पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ सलामी दी। देशभर के लाखों खादी कारीगरों ने वीडियो संदेशों के माध्यम से तिरंगे को नमन कर नया कीर्तिमान रचा। कार्यक्रम के दौरान केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने वीर शहीद सार्जेंट मुरलीधर की पत्नी श्रीमती राजकुमारी को सम्मानित कर उनके त्याग और बलिदान को नमन किया।
समारोह के मुख्य अतिथि केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने कहा कि कच्छ के रन में दुनिया के सबसे विशाल खादी तिरंगे का प्रदर्शन राष्ट्र के लिए गर्व का क्षण है। यह कार्यक्रम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के वीर जवानों को समर्पित है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भुज भूकंप के बाद कच्छ के सुनियोजित पुनर्निर्माण और विकास यात्रा को अदम्य जिजीविषा का उदाहरण बताया।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत गुजरात के कारीगरों को आधुनिक उपकरण एवं टूलकिट का वितरण भी किया गया। उल्लेखनीय है कि 26 जनवरी 2026 को भुज भूकंप की 25वीं स्मृति भी रही, जिसे कार्यक्रम में भावपूर्ण श्रद्धांजलि के साथ याद किया गया।
करीब 225 फीट लंबा, 150 फीट चौड़ा और लगभग 1400 किलोग्राम वजनी यह स्मारकीय खादी तिरंगा 33,750 वर्ग फुट क्षेत्र में फैला है, जिसे 70 खादी कारीगरों ने 49 दिनों में तैयार किया। यह आयोजन न केवल राष्ट्रगौरव का प्रतीक बना, बल्कि खादी के उज्ज्वल भविष्य और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी सुदृढ़ करता है।

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