नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय ने चबाने वाले तंबाकू, जरदा सुगंधित तंबाकू और गुटखा जैसे हानिकारक उत्पादों पर मशीन-आधारित केंद्रीय उत्पाद शुल्क वसूली सुनिश्चित करने के नए नियम अधिसूचित कर दिए हैं। अधिसूचना संख्या 05/2025-केंद्रीय उत्पाद शुल्क (एन.टी.) 31 दिसंबर 2025 के तहत जारी ये नियम 1 फरवरी 2026 से प्रभावी होंगे। इससे पैकिंग मशीनों की क्षमता पर शुल्क आधारित होगा, जो उत्पादन नियंत्रण व राजस्व संग्रह को पारदर्शी बनाएगा।
केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम की धारा 3ए के तहत अधिसूचित इन सामानों के पाउच पैकिंग विनिर्माताओं को निशाना बनाया गया है। मौजूदा इकाइयों को 7 फरवरी 2026 तक फॉर्म सीई डीइसी-1 में मशीनों की संख्या, अधिकतम रेटेड कैपेसिटी, गियर बॉक्स अनुपात व खुदरा बिक्री मूल्य घोषित करने होंगे। चार्टर्ड इंजीनियर का प्रमाण-पत्र अनिवार्य रहेगा। उदाहरणस्वरूप, 500 पाउच प्रति मिनट वाली मशीन पर आरएसपी 2 रूपये होने पर 0.83 करोड़ रूपये व 4 रूपये पर 1.52 करोड़ रूपये मासिक शुल्क देय होगा।
विभाग सत्यापन के बाद वार्षिक क्षमता तय करेगाकृमासिक क्षमता को 12 से गुणा कर। स्व-घोषणा से अधिक होने पर डिफरेंशियल ड्यूटी व ब्याज 1 फरवरी से लागू। अपील का प्रावधान है, लेकिन निर्धारण अनुसार भुगतान जरूरी। बदलाव पर ही पुनर्निर्धारण होगा।
लगातार 15 दिन बंदी पर प्रो-राटा छूट, किंतु पूर्व सूचना व सीलिंग जरूरी। सीसीटीवी अनिवार्य, फुटेज 24 माह रखनी होगी। मासिक फॉर्म सीई एस टी आर -1 10 तारीख तक। बिना शुल्क निर्यात या रिबेट नहीं। सरेंडर पर पूर्व शुल्क समायोजित। ये कदम तंबाकू नियंत्रण व सार्वजनिक स्वास्थ्य को सशक्त करेंगे।

No comments:
Post a Comment