लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित उप निरीक्षक (SI) एवं समकक्ष पदों की भर्ती परीक्षा रविवार को प्रदेश भर में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। परीक्षा के दोनों दिनों में कुल 10.77 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए, जबकि करीब एक तिहाई अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। परीक्षा के दौरान नकल और फर्जीवाड़े की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई करते हुए एक सॉल्वर समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। अब तक इस मामले में कुल आठ गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और करीब एक दर्जन एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।
पुलिस के अनुसार वाराणसी के सनातन धर्म इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र से पवन कुमार के नाम से जांच दे रहे एक व्यक्ति को पकड़ा गया। जांच में उसका असली नाम विमलेश कुमार निकला, जो उसके भाई की जगह जांच में सामने आया था। उसके पास से फर्जी आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज बरामद किये गये हैं। उसके खिलाफ लक्सा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
इसके अलावा बदायूँ में एक अलग-अलग बैंकों का नामांकन लिया गया, जबकि मेरठ में दो अलग-अलग आधार कार्ड लेकर परीक्षाओं के नतीजे सामने आये। दोनों आधार कार्ड में उसकी उम्र अलग-अलग दर्ज थी।
वहीं उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स की नेशनल फील्ड यूनिट ने शनिवार रात अनुज कुमार को युवक को गिरफ्तार करने के लिए कहा। वह मथुरा जिले का रहने वाला है। इस दौरान उसके पास से उपनिरीक्षक भर्ती के दो एडमिट कार्ड, अन्य परीक्षाओं के चार एडमिट कार्ड, मोबाइल फोन और वीडियो चैट समेत कई दस्तावेज बरामद हुए। पूछताछ में उसने बताया कि वह गोपाल रथ नाम के शख्स से मिलवाता था, जिसके बदले में उसने करीब 22 लाख रुपये की मांग की थी।
भर्ती बोर्ड के अनुसार इस परीक्षा के लिए करीब 15 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। प्रदेश के सभी जिलों में कुल 1090 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा को पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए अभ्यर्थियों की बायोमीट्रिक जांच, कड़ी चेकिंग और निगरानी की व्यवस्था की गई थी।
पुलिस और एसटीएफ की टीमें पूरे प्रदेश में सक्रिय रहीं और सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखी गई। परीक्षा से जुड़े करीब एक दर्जन टेलीग्राम चैनलों के खिलाफ भी केस दर्ज किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे भी जांच जारी है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
No comments:
Post a Comment