बस्ती। वर्ष 2016-17 में एमएसडीपी योजना के अंतर्गत चयनित 25 आंगनबाड़ी केंद्र भवन को पूरा करने के लिए केंद्रीय धनराशि प्राप्त हो गई है। जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने स्कोर 15 दिन के अंदर पूरा कराने के लिए सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला पोषण मिशन समिति की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्यांश भी शीघ्र ही प्राप्त हो जाएगा, इसलिए इसको शीघ्र पूरा कराएं। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र भवन की लागत रुपया 7.52 लाख है। वर्ष 2018-19 के ग्राम पंचायत निधि से निर्माणाधीन 16 भवन अपूर्ण है। इसको भी पूरा कराने के लिए संबंधित बीडीओ को निर्देशित किया गया है।
जिलाधिकारी को नोडल अधिकारियों ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा शासन द्वारा दिए गए एंड्रॉयड फोन से केंद्र पर पंजीकृत बच्चों का डाटा पोर्टल पर फीड नहीं किया जा रहा है। पूछने पर उन्होंने बताया कि उनको फीड करना नहीं आता है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि प्रत्येक ब्लॉक पर सभी सुपरवाइजर एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का गहन प्रशिक्षण कराया जाए। समीक्षा में उन्होंने यह भी पाया कि पोषण पुनर्वास केंद्र पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा सैम बच्चों को समुचित इलाज के लिए भेजा जाता है परंतु राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत गठित टीम द्वारा ऐसे बच्चों को संदर्भ नहीं किया जाता है। जिलाधिकारी ने सीएमओ को निर्देश दिया है कि आरबीएसके टीम में तैनात डॉक्टर एवं स्टाफ को इसके लिए निर्देशित करें।
पोषण ट्रैकिंग पोर्टल की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने लक्ष्य पूरा न करने वाली आशा एवं एएनएम को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। आयरन एवं फोलिक एसिड की गोलियों के वितरण में भी शिथिलता पाई गई है। इसके लिए सभी एमओआईसी को निर्देशित किया गया है। नोडल अधिकारियों द्वारा गोद लिए गए 459 केंद्रों की रिपोर्ट प्राप्त हुई है परंतु समीक्षा के दौरान बैठक में अनुपस्थित रहने पर जिला आबकारी अधिकारी, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड तथा उपायुक्त वाणिज्यकर का 1 दिन का वेतन रोकने के लिए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है।
समीक्षा में उन्होंने पाया कि 369 आंगनबाड़ी केंद्र विद्यालय के बाहर अन्य भवनों में संचालित है। जिलाधिकारी ने इसकी स्थिति के बारे में जिला कार्यक्रम अधिकारी सावित्री देवी से रिपोर्ट तलब किया है। उन्होंने निर्देश दिया है कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के पास सुरक्षित 484 कुंतल गेहूं तथा 2484 कुंतल चावल का केंद्र पर पंजीकृत बच्चों में वितरण सुनिश्चित कराएं।
सैम बच्चों के स्वास्थ्य में धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने असंतोष व्यक्त किया। समीक्षा में उन्होंने पाया कि रुधौली तथा गौर ब्लॉक में सीडीपीओ, एबीएसए तथा एमओआईसी की प्रगति खराब रही है। जिलाधिकारी ने इनके विभागीय अधिकारियों को ब्लॉक का मुआइना करके रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि पोषण ट्रैकर ऐप पर रिपोर्ट का अपडेशन सुनिश्चित कराएं, अगले माह से इसी के अनुसार समीक्षा की जाएगी।
यूनिसेफ की जिला समन्वयक अनीता सिंह ने बताया कि 09 जनवरी से 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों का विशेष टीकाकरण अभियान संचालित होंगा। उन्होने अनुरोध किया कि आगनबाडी एवं आशा के माध्यम से इस आयुवर्ग के सभी बच्चों की सूची समय से तैयार कर लें तथा सभी बच्चों का टीकाकरण करायें। इसके लिए सभी का प्रशिक्षण भी कराया जायेंगा।
बैठक का संचालन डीपीओ सावित्री देवी ने किया। बैठक में सीडीओ डा. राजेश कुमार प्रजापति, सीएमओ डा. आर.पी. मिश्रा, पीडी कमलेश सोनी, डीडीओ अजीत श्रीवास्तव, नोडल अधिकारी, बीडीओ, सीडीपीओ, एमओआईसी तथा विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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